किसी की शादी तोड़ने का वजीफा
SHADI TODNE KA WAZIFA किसी की शादी तोड़ने का वजीफा

किसी की शादी तोड़ने का वजीफा

जब लडका या लड़की की शादी उनके  मर्ज़ी के ख़िलाफ़ की जाती  है, तो वो इसे बरदास नही कर पाते हैं| इसी कारण वो कुछ भी नही सोचते समझते हैं| और गलत कदम उठा लेते हैं |   इसी गलत कदम को रोकने के लिए हम आज आपके लिए लाये हैं किसी की शादी तोड़ने का अमल इस अमल की मदद से हम शादी या रिश्ता तोड़ सकते हैं |  हम इस पोस्ट के जरिये आपको शादी तोड़ने का अमल वजीफा दुआ हिंदी उर्दू म देंगे.

किसी की शादी तोड़ने का वजीफा
किसी की शादी तोड़ने का वजीफा

एक तऱफ़ बात ये है कि किसकी शादी रोकेन और तोडना अल्लाह की नज़रो में खुद ही गलत( नजायज) काम है। पर जब एक लड़का लड़की आपस में मोहब्बत करते हैं और उनकी जबरदस्ती निक्काह किसी और से किया जाता हैं तो हम इस किसी की शादी तोड़ने का अमल का इस्तेमाल कर सकते हैं |  ध्यान रहे ये किसी की शादी तोड़ने का अमल जायज कम के लिए हो नजायज के लिए नही . अगर आपकी मोहब्बत पाक साफ़ हैं तो इंशाल्लाह आपकी महबूबा/महबूब का रिश्ता या शादी टूट जायेगा |

शर्ते:-

१ लड़का लड़की दोनों आपस में मोहब्बत करते हो.

२ दोनों इस अमल को करने के लिए तेयार हो.

३ इस अमल को करने वाला पाक साफ हो

४ ये अमल जायज मकसद के लिये किया जाये

५  ये अमल सिर्फ अपने महबूब महबूबा की शादी तोड़ने का अमल हैं  इसे नजायज काम के लिए इस्तेमाल न करे.

अगर इसका इस्तेमाल नजायज तरीके से किया गया तो इस अमल का इस्तेमाल करने वाले शक्स उसका खुद जिमेदार होगा

शादी तोड़ने की दुआ इन हिंदी


रब्बाना इंनाका जामी आउ अलन्यासी लियावमिन ला रेबाबा फीसही इन्ना अल्हा लहा यक्लिफु अलमेदा  

 शादी रोकने या तोड़ने की दुआ इन उर्दू 

 ربّنا انکا جمی او النناسی لیاومیں لا ریبا فیھ انّ اللھ لا یوخلفو المیادہ?    

किसी की शादी तोड़ने का वजीफा

कोई भी शक्स इसे इज़ाज़त लेकर कर सकता हैं|

ये २१ दिन का वजीफा हैं

इशा की नमाज़ के बाद इस वजीफा को क्र सकते है

बिस्मिल्लाह २१ मर्तबा पढ़े

सुरह फ़तेह के साथ सूरा इख्लास को ५१ मर्तबा पढ़े |

आखिर में आपको २१ मर्तबा अल्लाह्दुली पढ़े |

किसी की शादी तोड़ने का अमल

ये अमल आप किसी भी वक़्त शुरू कर सकते ह  लेकिन यद् रहे जिस वक़्त इसको करना शुरू करे रोज उसी वक़्त करे | जब इस अमल को उसी वक़्त किया जायेगा तभी ये अपना असर दिखायेगा |

सबसे पहले वुजू करे

फिर दरूद शरीफ पढ़े

फिर ११०० मर्तबा ‘याअल्लाहो या रहीमो” पढ़े

आखिर में दरूद शारीफ फिर से पढ़े

और अल्लाह से शादी तोड़ने या रोकने के लिए दुआ करे

इंशाल्लाह आपकी दुआ जरुरकबूल होगी औरआपकी जल्दसे जल्द शादी टूट जाएगी

नोट :-  ऊपर दिए गये अमल,वजीफा,दुआ को करने से पहले इज़ाज़त लेना जरूरी हैं बिना इज़ाज़त के आपका कम पूरा नही होगा |

अगर किसी शक्स को पड़ना लिखना नही आता तो वो हमारे अमल,दुआ,वजीफा को सुन क्र भी शादी तोड़ने का अमल ,वजीफा,दुआ कर सकता हैं

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